18/01/2020

Akbar Birbal Story in Hindi :अकबर बीरबल हिंदी कहानी


Studywow Topic= Akbar Birbal Story in Hindi,अकबर बीरबल की मज़ेदार कहानिया पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहे । और अधिक मज़ेदार कहानिया पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे (click here)

1. Akbar Birbal Story in Hindi - जूते छिपाए गए


Akbar Birbal Story in Hindi
बादशाह दरबार में बैठे थे उन्हे बीरबल से हँसी करने की सूझी । अतः, एक नौकर से कहकर बीरबल के जूते छिपवा दिए और बीरबल को ऐसा काम बतलाया कि जिस वजह से उन्हें सभा भवन के बहार जाना पड़ा।

अब वे अपना जूता खोजने लगे लेकिन वहाँ तो पहले से ही कार्यवाही की जा चुकी थी। जब बीरवल हैरान हो गए तो बादशाह ने परेशानी का सबब पूछा तो ज्ञात हुआ कि जूता नहीं मिल रहा है।

बादशाह ने हुक्म दिया कि हमारी तरफ से इन्हें जूते दिए जावें । बादशाह का हुक्म पाकर नौकरों ने नया जूता लाकर बीरबल को पहना दिया| जब बीरबल ने जुते पहन लिए तो उन्होंने बोलै की "इसके बदले आपको ईश्वर लोक-परलोक में हजारों जूते दे। मेरी यही मंगल कामना है"।😂🤣
बीरबल की बात सुन बादशाह शर्म से नत मस्तम हो गए|👌🙏

2. Akbar Birbal Story in Hindi - लकीर छोटी होना


Akbar Birbal Story in Hindi
एक दिन बादशाह ने कागज पर पेन्सिल से एक लकीर खींची और बीरबल से बोले कि "न तो यह लकीर घटाई जावे, न बढ़ाई जावे, परन्तु यह लकीर छोटी हो जाये"।

बीरबल ने तुरन्त ही, उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पेन्सिल से उससे बड़ी खींच दी, और बोले कि "हजूर ! देखिये अब आपकी लकीर इस लकीर से छोटी हो गई"|
बादशाह इसे देखकर अधिक प्रसन्न हुए।😊😉

3. Akbar Birbal Story in Hindi - उतने पांव पसारिये जितनी लम्बी सौर


Akbar Birbal Story in Hindi
एक दफा अकबर बादशाह के दरवारियों ने बादशाह से कहा कि आप छोटी-छोटी बात भी बीरबल से पूछा करते हैं| हम लोगों के रहते, हमारे सामने के आए हुए की आप प्रतिष्ठा करते हैं जिससे हमारे सम्मान को धक्का लगता है।

बादशाह बोले कि तुम लोगों का ऐसा सोचना गलत है बीरबल बुद्धिमान ओर नीति कुशल है| इसमें उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता ।
यही वजह है कि सब बातें उससे पूछ लेता हूँ ।

दरवारियों को बादशाह की यह बातें इस समय ऐसी लगी जैसे घाव में नमक । पर कहते ही क्या ? सब को चुप देख बादशाह बोले यदि तुमको इस बात का गर्व है कि हम लोग ज्यादा चतुर हे तो आज सबकी बुद्धि की परीक्षा होगी जो उर्तीण हो वही बीरबल के स्थान को पाएगा ।

अपनी-अपनी अक्ल का जिसे घमण्ड था, वह सुनकर बड़े प्रसन्न हुए। यह कहकर बादशाह ने दो हाथ का एक कम्बल मंगाया, आज्ञा के पाते ही नौकर ने कम्बल ला कर रख दिया ।

भरी सभा में बादशाह सभी दरबारियों से बोले कि "देखों मैं लेट जाता हूँ तुम इस कम्बल से हमारे. बदन को क्रमशः ढकने की कोशिश करो। ध्यान रहे शरीर का एक हिस्सा भी खला न रहने पाये| इसमें तुम लोगों में से जिस किसी को सफलता मिलेगी उसे ही बीरबल का पद मिलेगा"।

यह सुन सभी दरबारी बारी-बारी से कम्बल ओढ़ने का प्रयत्न करने लगे| परन्तु कोई भी सफल न हो सका, क्योंकि मनुष्य प्रायः साढ़े तीन या चार हाथ के होते हैं। बादशाह भी सामान्य डील डौल के ही थे। दो हाथ कम्बल से उनका शरीर नहीं ढका जा सका सकता था।

अपने अपने स्थान से दरबारी बड़े ही पुलकित होकर उठते मगर जब प्रयत्न में विफल हो जाते तो निराश होकर अपने स्थान पर आ कर बैठ जाते।
उस समय कोई भी सदस्य बादशाह के कहे अनुसार उस कम्बल को न उड़ा सका।

लाचार हो बादशाह उठ खड़े हुए और बोले "देखा आपकी बुद्धि कहा गयी, यदि बीरबल होते तोअवश्य ही अच्छी तरह इसी कम्बल से सारे अंग ढक देते ।
यह तो एक मामूली सा काम था । बड़े बड़े काम आप लोगों से कैसे होंगे ।

बादशाह ने तुरन्त नौकर को बीरबल के बुला लाने का आदेश दे दिया । बीरबल आए और अपने स्थान पर बैठ गए। बादशाह ने उन्हें अपने पास बुलाकर कम्बल हाथ में देकर सब बातें बतला दी।

बादशाह लेट गए, बीरबल ने कम्बल ढका तो देखा की कम्बल छोटा है| तब उन्होंने बादशाह से अपने पैर मोड़ने को कहा, पैर मोड़ते ही कम्बल से ढक गए ।
जब बदन अच्छी तरह ढक गया तो बीरबल बोले "उतने पांव पसारिये जितनी लम्बी सौर"|😉😊

यानि "उतने पैर फैलाएं जितनी लम्बी रजाई हो" यह सुन बादशाह ने दरबारियों से कहा कि देखी आपने बीरबल की चतुराई। सब दरबारी मन ही मन बड़े शर्मिन्दा हुए।

4. कहानी - आपकी बारी कैसे आती


Akbar Birbal Story in Hindi
बादशाह ने बीरबल से कहा की "अगर बादशाहत सदा कायम रहती तो कितना अच्छा होता"| यानि जो बादशाह होता वह सदा ही शासन करता रहता तो कैसा अच्छा होता?

बीरबल ने तत्काल स्वाभाविक से नम्रतापूर्वक उत्तर दिया, "जहाँपनाह ! आप का कहना बिल्कुल उचित है, किन्तु यदि ऐसा होता तो भला सोचिये कि आप बादशाह कैसे होते ?" बादशाह बीरबल के व्यंग को समझ कर चुप हो गए।

5. कहानी - तभी से उनको भूल गया


Akbar Birbal Story in Hindi
बादशाह अकबर एक दिन हास्य में बीरवल से बोले की "मैंने सुना है तुम्हारी धर्म पत्नी अत्याधिक रूपवती है, क्या यह सच है?"
बीरबल ने निवेदन किया "जहाँपनाह ! मैं भी पहले इसी तरह सोचा करता था ; किन्तु जब से बेगम साहिबा को देखा है, तभी से उसको भूल गया।"
"इनकी तुलना में उसका सौन्दर्य का मुकाबला किसी प्रकार भी नहीं हो सकता।"

बादशाह इस उत्तर को सुनकर चुप हो गए।😉😊




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